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मेरी कमियाँ

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सोचती हूँ क्या कमी थी मुझमें ऐसी क्या जितनी हूँ मै वो काफी नहीं हूँ समझ में नहीं आया मुझे तो समझा दिया होता शिकायत थी मुझसे तो कहते क्यो नहीं कभी मुझमे जो कमी रह गई वो बताते क्यों नहीं मेरी ...

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लेखक के बारे में
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M@nu

मैं क्या लिख सकती हूँ अपने बारे में..! आप सब पाठकजन और लेखकजन ने ही मुझे प्रोत्साहन दिलवाया है। जिसमें लेखिका प्रिया भारद्वाज जो मुझे प्रतिलिपि में लाईं और लिखने सिखाया, और दूसरी लेखिका अंबिका झा उन्होंने भी मेरी बहुत ही मदद की यहाँ तक पहुंचने के लिए। आप सभी की बहुत ही आभारी हूँ, और बहुत बहुत धन्यवाद आप सब पाठकजन और लेखकजन को मेरा। 🙏🙏🙏🙏🙏🙏Manu✍🏻

समीक्षा
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    17 मई 2023
    दिल के भावों को बहुत ही गहराई से शब्दों में उतारा है। अति सुन्दर और दिल को छू लेने वाली रचना।
  • author
    16 मई 2023
    बहुत ही सारगर्भित लेखन क़ा उत्कृष्ट परिचय दिया है आपने सटीक शब्दों के साथ बेहतरीन लेखन
  • author
    16 मई 2023
    umda hirdaysparshi bhawabhibykti aapki.
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    17 मई 2023
    दिल के भावों को बहुत ही गहराई से शब्दों में उतारा है। अति सुन्दर और दिल को छू लेने वाली रचना।
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    16 मई 2023
    बहुत ही सारगर्भित लेखन क़ा उत्कृष्ट परिचय दिया है आपने सटीक शब्दों के साथ बेहतरीन लेखन
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    16 मई 2023
    umda hirdaysparshi bhawabhibykti aapki.