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4.6
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उसके घर में कभी लड़के लड़कियों वाले भेदभाव नही थे।न ही कभी कोई लड़की होने का अफ़सोस उन तीनों बहनों पर जताया गया।फिर भी बाला चुपचाप रहती थी बड़े होने की जिम्मेदारी थी या व्यवहार ही ऐसा था।किसी ने कभी ध्यान...

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समीक्षा
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    pooja awal "Pooja"
    05 सितम्बर 2018
    ek teacher hi he jo ya to bachche ki zindagi sawar de ya dhyan na dekar use kho jane de. par reality ye he ki aise teachers nahi hote. kahani bahut achhi he bas kalpnik hi he. 👍🏻👍🏻
  • author
    25 जुलाई 2018
    बहुत बेहतरीन कहानी किसी के वजूद में आप इतनी गहरी नज़र रखते की उसके अंदर का हुनर भी निखार दे इससे बड़ी बात क्या होंगी की उसे उसकी सही मंजिल का पता मिल गया और समाज को एक प्रेरणा मिलती हैं । बहुत सार्थक। सुनीता
  • author
    Meena Bhatt.
    30 अप्रैल 2019
    आप की नायिका बाला जिसका हुनर आप ने पहचान लिया।बहुत ही अच्छी कहानी हमारी बाला आप।👌👌👌👌शुभकामनाएं
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    pooja awal "Pooja"
    05 सितम्बर 2018
    ek teacher hi he jo ya to bachche ki zindagi sawar de ya dhyan na dekar use kho jane de. par reality ye he ki aise teachers nahi hote. kahani bahut achhi he bas kalpnik hi he. 👍🏻👍🏻
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    25 जुलाई 2018
    बहुत बेहतरीन कहानी किसी के वजूद में आप इतनी गहरी नज़र रखते की उसके अंदर का हुनर भी निखार दे इससे बड़ी बात क्या होंगी की उसे उसकी सही मंजिल का पता मिल गया और समाज को एक प्रेरणा मिलती हैं । बहुत सार्थक। सुनीता
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    Meena Bhatt.
    30 अप्रैल 2019
    आप की नायिका बाला जिसका हुनर आप ने पहचान लिया।बहुत ही अच्छी कहानी हमारी बाला आप।👌👌👌👌शुभकामनाएं