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माया

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माया शब्द सुनते ही उसकी आंखों में खून तैरने लगता,वह गुस्से से आगबबूला होकर पागलों की तरह चिल्लाने लगता,फिर कुल्हाड़ी लेकर माया कहने वालों के पीछे दौड़ता,थोड़ी देर दौड़कर जब उसे लगता की वह उन्हें ...

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लेखक के बारे में
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Mithlesh k Joshi

मैं वैरागी सा जिऊं और ये भटकता मन

समीक्षा
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    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Divya Joshi
    09 जून 2021
    बेहद हृदयविदारक और मार्मिक घटना। हर बात, हर घटना हर परिस्थिति के जन्म के पीछे कोई न कोई कारण अवश्य होगा है। आपकी कहानी सुंदर संदेश देती है कि लोगों को देखकर बिना सोचे समझे पूछे विचारे उनका अनुसरण नहीं करना चाहिए। बिना जाने कुछ भी कहना और बिना समझे त्वरित प्रतिक्रिया हमेशा दुख दायीं होती है। और कुछ नहीं तो कम से कम मानवीय संवेदनाओं के नाते ही किसी अन्य के दुख दर्द में उसे सताने की बजाय स्वयम में महसूस कर उनके लिए खुशी की तलाश करना चाहिए।
  • author
    अञ्जनी लाल ओझा
    29 अप्रैल 2021
    एकदम रोंगटे खड़े करदेने वाली घटना को लिखी है आपने सच में कई बार हम आपने मनोरंजन के चक्कर में कई इसे जख्मों को कुरेद देते हैं जाने अनजाने में जिसका अंजाम हमे पता नही होता जब पता चलता है तो रेत हमारे हाथो से फिसल चुकी होती है बहुत शानदार 👍👍
  • author
    Dr Sushil Chandra Gupta "Gupta"
    15 दिसम्बर 2021
    बेटी का नाम माया ।कुछ दरिंदों ने बेटी की आबरू उतार कर, उसकी हत्या कर दी ऐसे मे एक मा या पिता इस दर्द को बर्दाश्त नही कर सकती है ।इस सत्य को दर्शाती आपके सुंदर कहानी। बधाई
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    Divya Joshi
    09 जून 2021
    बेहद हृदयविदारक और मार्मिक घटना। हर बात, हर घटना हर परिस्थिति के जन्म के पीछे कोई न कोई कारण अवश्य होगा है। आपकी कहानी सुंदर संदेश देती है कि लोगों को देखकर बिना सोचे समझे पूछे विचारे उनका अनुसरण नहीं करना चाहिए। बिना जाने कुछ भी कहना और बिना समझे त्वरित प्रतिक्रिया हमेशा दुख दायीं होती है। और कुछ नहीं तो कम से कम मानवीय संवेदनाओं के नाते ही किसी अन्य के दुख दर्द में उसे सताने की बजाय स्वयम में महसूस कर उनके लिए खुशी की तलाश करना चाहिए।
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    अञ्जनी लाल ओझा
    29 अप्रैल 2021
    एकदम रोंगटे खड़े करदेने वाली घटना को लिखी है आपने सच में कई बार हम आपने मनोरंजन के चक्कर में कई इसे जख्मों को कुरेद देते हैं जाने अनजाने में जिसका अंजाम हमे पता नही होता जब पता चलता है तो रेत हमारे हाथो से फिसल चुकी होती है बहुत शानदार 👍👍
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    Dr Sushil Chandra Gupta "Gupta"
    15 दिसम्बर 2021
    बेटी का नाम माया ।कुछ दरिंदों ने बेटी की आबरू उतार कर, उसकी हत्या कर दी ऐसे मे एक मा या पिता इस दर्द को बर्दाश्त नही कर सकती है ।इस सत्य को दर्शाती आपके सुंदर कहानी। बधाई