pratilipi-logo प्रतिलिपि
हिन्दी

माशूक का बुढापा

5
26

माशूक का बुढ़ापा लज्जत दिला रहा है, अंगूर का मजा किसमिश में आ रहा है।  उसके सन  से सफेद बाल और झुर्रियों से गिरे गाल, गर्मी में भी जाडे का मजा आ रहा है माशूक का बुढ़ापा लज्जत दिला रहा है, अंगूर ...

अभी पढ़ें
लेखक के बारे में
author
krishnakant shukla

मै ना ही कोई लेखक हूं और ना ही कोई कवि । मात्र लाकडाऊन के चलते खाली समय का सदुपयोग करते हुए कुछ सच घटनाए लिख रहे है । भाषाई त्रुटियो और प्रवाह तथा शैली की कसौटी पर ना कसते हुए ही देखिए ।

समीक्षा
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Anita
    23 जनवरी 2023
    a
  • author
    aadi shukla
    20 जनवरी 2023
    good
  • author
    Vinita Shukla
    19 जनवरी 2023
    hahahaha 😅
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Anita
    23 जनवरी 2023
    a
  • author
    aadi shukla
    20 जनवरी 2023
    good
  • author
    Vinita Shukla
    19 जनवरी 2023
    hahahaha 😅