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Manzil

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यह मेरी पहली कविता है . मंज़िल पर. यह कविता कहती है कि, मंज़िल आसानी से प्राप्थ नहीं होती , मेहनत और लगन से ही होती hai.

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लेखक के बारे में
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anjana rajmohan
समीक्षा
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  • कुल टिप्पणी
  • author
    Uttam Kanwar
    18 জুন 2019
    पर रेत में गुम होने के डर से लहरें ना उठती तो समुंदर ना होता। सुन्दर रचना। 💐
  • author
    Manjit Singh
    01 অগাস্ট 2020
    sakaaratmak. kavita
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    Uttam Kanwar
    18 জুন 2019
    पर रेत में गुम होने के डर से लहरें ना उठती तो समुंदर ना होता। सुन्दर रचना। 💐
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    Manjit Singh
    01 অগাস্ট 2020
    sakaaratmak. kavita