अमावस की अंधेरी में भी नहा लेता है उजली चांदनी में। तपती, झुलसती धूप में जलते खुले आसमान के नीचे भी पा लेता है घने तरुवर की शीतल छाँव।। मन पगला कुहासों के नम ठिठुरते अंधेरों में ढूंढ लेता ...

प्रतिलिपिअमावस की अंधेरी में भी नहा लेता है उजली चांदनी में। तपती, झुलसती धूप में जलते खुले आसमान के नीचे भी पा लेता है घने तरुवर की शीतल छाँव।। मन पगला कुहासों के नम ठिठुरते अंधेरों में ढूंढ लेता ...