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मैक्सिम गोर्की : स्वाधीनता का रूसी उपासक

4.1
1630

इस सप्‍ताह रूस के एक प्रसिद्ध उपन्‍यास-लेखक मैक्सिम गोर्की की मृत्‍यु का समाचार आया है। इस देश के सुशिक्षित लोगों में भी बहुत ही कम ऐसे हैं जिन्‍हें पता है कि गोर्की किस ढंग का आदमी था? एक गरीब घराने ...

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लेखक के बारे में

जन्म : 26 अक्टूबर, 1890, अतरसुइया, इलाहाबाद (उत्तर प्रदेश) भाषा : हिंदी विधाएँ : पत्रकारिता, निबंध, कहान मुख्य कृतियाँ गणेशशंकर विद्यार्थी संचयन (संपादक - सुरेश सलिल) संपादन : कर्मयोगी, सरस्वती, अभ्युदय, प्रताप निधन 25 मार्च, 1931 कानपुर

समीक्षा
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  • कुल टिप्पणी
  • author
    meena Kumari "Meenu yadav"
    04 மே 2020
    मैंने इस महान लेखक की काफी रचनाएं पढी है..... मेरा विश्वविद्यालय, मेरी माँ बहुत ही सुंदर रचना है अपितु स्वम की ही जीवन संघर्ष कथा है
  • author
    Alok Kushwaha
    05 ஜனவரி 2019
    Gorki ki rachnaye bemisaal hai thanks for giving such memory about him
  • author
    Anshvardhan Singh
    07 அக்டோபர் 2018
    फर्जी ऐप है।। इसमें पूरी कहानी नहीं दी गई है
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    meena Kumari "Meenu yadav"
    04 மே 2020
    मैंने इस महान लेखक की काफी रचनाएं पढी है..... मेरा विश्वविद्यालय, मेरी माँ बहुत ही सुंदर रचना है अपितु स्वम की ही जीवन संघर्ष कथा है
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    Alok Kushwaha
    05 ஜனவரி 2019
    Gorki ki rachnaye bemisaal hai thanks for giving such memory about him
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    Anshvardhan Singh
    07 அக்டோபர் 2018
    फर्जी ऐप है।। इसमें पूरी कहानी नहीं दी गई है