pratilipi-logo प्रतिलिपि
हिन्दी

मजबूरी

4
1026

गर आये हिचकी तो मुझे माफ करना, क्या करु,मजबूरी है मेरी, तुझे याद करना। जानता हूँ, मुझे हक़ तो नहीं, पर क्या करु, मंजूरी है मेरी, तुझे याद करना। जानता हूँ गुजारा नही मेरा तुझे याद करके, पर क्या...

अभी पढ़ें
लेखक के बारे में
author
शुभम सिंह
समीक्षा
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Kavita Mourya
    25 मई 2020
    mujhe huq to nahi..pr kya kru ........tujhe yaad krna .
  • author
    यशोदा कुर्रे
    01 जून 2020
    आपकी मजबूरी तो बड़ी निराली है।
  • author
    sovona mistry "sovona mistry"
    20 फ़रवरी 2021
    bohot hi achi
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Kavita Mourya
    25 मई 2020
    mujhe huq to nahi..pr kya kru ........tujhe yaad krna .
  • author
    यशोदा कुर्रे
    01 जून 2020
    आपकी मजबूरी तो बड़ी निराली है।
  • author
    sovona mistry "sovona mistry"
    20 फ़रवरी 2021
    bohot hi achi