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मैं, तुम और हम

4.2
76

बोलो, क्या चाहिए, तुम्हे, मुझे, मुझे कुछ नहीं चाहिए, अरे, कुछ तो बोलो क्या बोलूं,आप मिल गये,अब कुछ इच्छा नहीं, अरे, मैंने तो सुना था कि तुम लोगों की इच्छा कभी पूरी नहीं होती है,और तुम तो अभी से  ...

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लेखक के बारे में
author
Girish Kumar Gumashta

अपने जीवन के अनुभवों को शब्दों का रूप देने की कोशिश

समीक्षा
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    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Hemlata Sharma
    23 फ़रवरी 2023
  • author
    jyoti gumashta
    26 अगस्त 2020
    मन की भावनाएं दर्शाती
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    Hemlata Sharma
    23 फ़रवरी 2023
  • author
    jyoti gumashta
    26 अगस्त 2020
    मन की भावनाएं दर्शाती