pratilipi-logo प्रतिलिपि
हिन्दी

मैं क्यों जिंदा हूं...?

4.1
90

वह मेरी दोस्त थी बहुत ही प्यारी मनमोहिनी लड़की थी उसका नाम अनुप्रिया था । प्यार से हम सब उसे अनु कहते थे । आज भी उन दिनों को याद करती हूं जब हम साथ पढ़ा करते थे तो दिल खून के आंसू रोने लगता है । ...

अभी पढ़ें
लेखक के बारे में
author
Parveen

वक्त की कैद मे है जिंदगी🥀

समीक्षा
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    17 जुलाई 2021
    यार.... रुला दी तुम तो। बेचारी अनु...
  • author
    S Kashif
    12 अप्रैल 2022
    Oh no so sad for Himanshu
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    17 जुलाई 2021
    यार.... रुला दी तुम तो। बेचारी अनु...
  • author
    S Kashif
    12 अप्रैल 2022
    Oh no so sad for Himanshu