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मैं और मेरी सहेली

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मैं और मेरी सहेली हम दोनों हैं हमजोली हमारा साथ पुराना है लगता बड़ा सुहाना है बांसुरी का जो सूर से है नाता हमारा वैसा है सरस्वती के हाथ जैसी विणा मैं हूं अधुरी उसके बिना अटूट हमारा स्नेह है वैसा ...

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लेखक के बारे में
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कमल

नाव-----काव्य कुंज(कमल) आवड ------वाचण करणे ,कविता करणे, वास्तव्य नागपूर. शिक्षण --बी.ए.डी.एड.

समीक्षा
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  • कुल टिप्पणी
  • author
    13 फ़रवरी 2024
    khupch chan 👌👌👌
  • author
    Suman Shewale
    13 फ़रवरी 2024
    अप्रतिम...✍️✍️🌷🌷
  • author
    Shashikant Chavan
    13 फ़रवरी 2024
    अतिशय सुंदर 👌👌👍👍
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    13 फ़रवरी 2024
    khupch chan 👌👌👌
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    Suman Shewale
    13 फ़रवरी 2024
    अप्रतिम...✍️✍️🌷🌷
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    Shashikant Chavan
    13 फ़रवरी 2024
    अतिशय सुंदर 👌👌👍👍