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मधुयामिनी

4.5
286

होगी जयकार धरा पर तब समय भी गायेगा गुणगान, दिशाएं हो जाएँगी धन्य गढ़ेगी सृष्टि नए प्रतिमान।

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लेखक के बारे में

रफ़्ता-रफ़्ता कलम साथ देती रहती है, हौले-हौले मैं भी कुछ लिखता रहता हूं।।

समीक्षा
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    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Manjit Singh
    05 दिसम्बर 2020
    कविता का नाम मधुयामिनी अति सुंदर है,कविता खूबसूरत है।
  • author
    Dolly Mishra
    04 नवम्बर 2022
    श्रृंगार की सुन्दर रचना
  • author
    Rajendra Gaur
    28 मई 2021
    बहुत सुंदर प्रस्तुति
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  • author
    Manjit Singh
    05 दिसम्बर 2020
    कविता का नाम मधुयामिनी अति सुंदर है,कविता खूबसूरत है।
  • author
    Dolly Mishra
    04 नवम्बर 2022
    श्रृंगार की सुन्दर रचना
  • author
    Rajendra Gaur
    28 मई 2021
    बहुत सुंदर प्रस्तुति