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मछुआरा

4.9
32

एक जातिगत व्यवसाय .. जैसा कि नाम से ही स्पष्ट हो जाता है ।  मछली पकड़ना और बेचना ही जिनके  जीविकोपार्जन का साधन है । जब हम छोटे थे तो गाँव में पढ़ने जाते समय ताल , पोखरा के किनारे बच्चे खेल खेल में ...

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लेखक के बारे में
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Kiran Pandey

अपने विचारों को विषय शीर्षक के माध्यम से गद्य और पद्य द्वारा सफल अभिव्यक्ति का प्रयास ......।। 🙏 धन्यवाद 🙏

समीक्षा
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    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    श्वेता विजय mishra
    20 मार्च 2021
    बहुत सुंदर शानदार पौराणिक कथा लिखी आपने आज के विषय को लेकर बहुत ही सटीक सार्थक रचना आपकी जिसे पढ़कर एक बार फिर बहुत अच्छा लगा बहुत खूब लिखा आपने
  • author
    आशा रानी शरण
    20 मार्च 2021
    आज के विषय पर पौराणिक कथा सहित मछुआरे के जीवन के बारे में बहुत बढ़िया लिखा आपने सुंदर शैली धन्यवाद नमस्कार।
  • author
    deepali nigam
    21 मार्च 2021
    बहुत ही प्यारी सी रचना और रचना मे उल्लेखित दोनो ही कथायें पौराणिक व भोजपुरी 👌👌
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    श्वेता विजय mishra
    20 मार्च 2021
    बहुत सुंदर शानदार पौराणिक कथा लिखी आपने आज के विषय को लेकर बहुत ही सटीक सार्थक रचना आपकी जिसे पढ़कर एक बार फिर बहुत अच्छा लगा बहुत खूब लिखा आपने
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    आशा रानी शरण
    20 मार्च 2021
    आज के विषय पर पौराणिक कथा सहित मछुआरे के जीवन के बारे में बहुत बढ़िया लिखा आपने सुंदर शैली धन्यवाद नमस्कार।
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    deepali nigam
    21 मार्च 2021
    बहुत ही प्यारी सी रचना और रचना मे उल्लेखित दोनो ही कथायें पौराणिक व भोजपुरी 👌👌