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माँ के हाथ का स्वाद

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आ जा माँ तेरे बिन कुछ भी नहीं सुहाता है तेरे हाथ का खाना ही मेरे मन को भाता है खाने पर अकेलापन मन को तड़पा जाता है खाने में वो पहले-सा स्वाद नहीं अब आता है 🍂 माँ से सीखा---जानें क्यूँ माँ-सा स्वाद ...

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लेखक के बारे में
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Summi

⚘️🌸⚘️ लाडली श्री राधा ⚘️🌸⚘️ राधा रानी कृष्ण की लाडली लाडली की बन जाऊँ लाडली ऐसी कृपा करो मेरी लाडली तुमसे हर पल लाड लडाऊँ माँ की ममता का सुख पाऊँ तुमसे कभी बिछुड़ न पाऊँ तुम्हारी कृपा की रज चाहूँ 🌸💮🌸

समीक्षा
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    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    11 जून 2021
    समय बीत जाता है खड़ी रह जाती हैं यादें । अच्छी प्रस्तुति आपकी।
  • author
    sarita chand
    11 जून 2021
    बहुत खूबसूरत भावपूर्ण रचना शानदार प्रस्तुति 👌👌👌👌👌👌👌👌👌🌹💐🌹
  • author
    Rachanaa
    11 जून 2021
    बहुत सुंदर लिखा है आपने 🌹🌹🌹💐💐💐
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  • author
    11 जून 2021
    समय बीत जाता है खड़ी रह जाती हैं यादें । अच्छी प्रस्तुति आपकी।
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    sarita chand
    11 जून 2021
    बहुत खूबसूरत भावपूर्ण रचना शानदार प्रस्तुति 👌👌👌👌👌👌👌👌👌🌹💐🌹
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    Rachanaa
    11 जून 2021
    बहुत सुंदर लिखा है आपने 🌹🌹🌹💐💐💐