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लूट

4.6
2353

यादव जी ,दो समोसा खिलाइये और साथ में चाय दे दीजिए; मैंने उस खोमचे के खाली पड़ी बेंच पर बैठते हुए कहा । बस सर पांच मिनट, कड़ाही से समोसा निकलने ही वाले हैं,,, पांच क्या!! आप पंद्रह लीजिये कौन सा ...

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लेखक के बारे में
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अचलेश

मैं एक खास सोच का आम इंसान हूँ ।समाज की विडम्बनाओं से मन खट्टा होता है तो भावनाओं को कागज पर उतार देता हूँ ।स्वतंत्रता और कर्तव्य आदर्श हैं जो हमारे अधिकारों के आधार हैं। मैं चाहता हूँ कि समाज में एक स्वस्थ विमर्श को स्थान मिले जिसके लिए मैं लेखन के माध्यम से प्रयत्नशील हूँ। शिक्षा-एम ए आर्कियोलॉजी। मैं एक लाॅ प्रोफेशनल हूं। कला मुझे आकर्षित करती है जो हर इंसान में स्वाभाविक है। प्रकृति और उसके सर्जन से बेहद लगाव है।

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  • कुल टिप्पणी
  • author
    Jiwan Sameer
    15 नवम्बर 2018
    वास्तविकता और खोखलेपन के अंतर को दर्शाती महज आदर्श की बात करना और उन पर अमल करना। बहुत कडवा सत्य
  • author
    Dr. Santosh Chahar "ज़ोया"
    15 नवम्बर 2018
    बहुत साधारण उदाहरण से आपने बहुत बड़ी गम्भीर समस्या को उठाया है। बधाई स्वीकार करें।
  • author
    Sandhya Rajput "साँझ"
    15 नवम्बर 2018
    Satya vichar .Glti hm insaano ki he h aur dosh dosro kya .specially गर्वमेंट का😂😂😂😂
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    Jiwan Sameer
    15 नवम्बर 2018
    वास्तविकता और खोखलेपन के अंतर को दर्शाती महज आदर्श की बात करना और उन पर अमल करना। बहुत कडवा सत्य
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    Dr. Santosh Chahar "ज़ोया"
    15 नवम्बर 2018
    बहुत साधारण उदाहरण से आपने बहुत बड़ी गम्भीर समस्या को उठाया है। बधाई स्वीकार करें।
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    Sandhya Rajput "साँझ"
    15 नवम्बर 2018
    Satya vichar .Glti hm insaano ki he h aur dosh dosro kya .specially गर्वमेंट का😂😂😂😂