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अरे आज सुबह से क्या हो गया है मेरे फेसबुक के अकाउंट को, एक भी लाइक नहीं आये हैं मेरी फोटो पर; पोस्ट किए 5 घंटे हो गए । बड़ी दुविधा में थी श्रुति , फेसबुक दोस्तों की संख्या 4 हजार के पार थी । उसकी...

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लेखक के बारे में
समीक्षा
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  • author
    सुनील तिवारी
    04 सितम्बर 2018
    आज की स्वतंत्र स्त्री को आइना दिखा दिया आपने
  • author
    AnshuPriya Agrawal
    05 मार्च 2020
    बहुत सुंदर कहानी कथावस्तु बहुत ही सार्थक, हर पात्र बहुत सजीवता से गढ़े गए हैं, मानों कोई चलचित्र चल रही हो, 🙏🙏 👌👌🙏💐 आपकी प्रशंसा के लिए और बधाई देने के लिये शब्दों की कमी महसूस कर रही हूँ ..... बहुत बढ़िया बहुत बहुत बधाई और शुभकामनायें
  • author
    02 अगस्त 2018
    आभासी दुनियाँ का कटु सत्य..इंटरनैट पर बढ़ते क्राइम की ओर ध्यानाकृष्ट करती..सचेत करती अच्छी कहानी।
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    सुनील तिवारी
    04 सितम्बर 2018
    आज की स्वतंत्र स्त्री को आइना दिखा दिया आपने
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    AnshuPriya Agrawal
    05 मार्च 2020
    बहुत सुंदर कहानी कथावस्तु बहुत ही सार्थक, हर पात्र बहुत सजीवता से गढ़े गए हैं, मानों कोई चलचित्र चल रही हो, 🙏🙏 👌👌🙏💐 आपकी प्रशंसा के लिए और बधाई देने के लिये शब्दों की कमी महसूस कर रही हूँ ..... बहुत बढ़िया बहुत बहुत बधाई और शुभकामनायें
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    02 अगस्त 2018
    आभासी दुनियाँ का कटु सत्य..इंटरनैट पर बढ़ते क्राइम की ओर ध्यानाकृष्ट करती..सचेत करती अच्छी कहानी।