जहां जन्म सड़क पर होता है, और कंधे पर लाशें ढोईं जायें। वहां मुफ्त में डाटा बंटता है, आंटो पर इज्जत खोई जाये।। धन का अभाव दुर्भाग्य बना, ऐसा ही सब बतलाते हैं। जीवन रक्षक गैस नहीं तो, नवजात यूं ही मर ...
मेरा नाम प्रदीप कुमार तिवारी है, मैं उत्तर प्रदेश के कुशभवनपुर (सुलतानपुर) जिले के करौंदी कला गांव का निवासी हूं। मैंने संस्कृत से एम ए किया है। मुझे कविताओं का शौक बचपन से ही रहा है, मैं मन के भावों को कभी कभार कलमबद्ध कर लेता हूं। 2015 में मेरा विवाह दीपशिखा से हुआ, "दीप" मुझे बहुत प्यार करती है। मेरी कुछ कविताएं साझा संग्रह में प्रकाशित हो चुकी है। विभिन्न समाचार पत्रों में भी मेरी कविताएं प्रकाशित होती रहती हैं।
सारांश
मेरा नाम प्रदीप कुमार तिवारी है, मैं उत्तर प्रदेश के कुशभवनपुर (सुलतानपुर) जिले के करौंदी कला गांव का निवासी हूं। मैंने संस्कृत से एम ए किया है। मुझे कविताओं का शौक बचपन से ही रहा है, मैं मन के भावों को कभी कभार कलमबद्ध कर लेता हूं। 2015 में मेरा विवाह दीपशिखा से हुआ, "दीप" मुझे बहुत प्यार करती है। मेरी कुछ कविताएं साझा संग्रह में प्रकाशित हो चुकी है। विभिन्न समाचार पत्रों में भी मेरी कविताएं प्रकाशित होती रहती हैं।
रिपोर्ट की समस्या
रिपोर्ट की समस्या