लक्ष्मी (अंतिम भाग) एक साल बाद लक्ष्मी फिर मां बनने वाली थी । अनिल ने गांव की किसी दूर के रिश्तेदार को लक्ष्मी की देखभाल के लिए बुला लिया था। निशा ने भी तो लक्ष्मी को आराम करने की सलाह दी और कुछ ...
मैं बस अपनी भावनाओं और सोच को शब्द रूपी कपडे़ पहनाने की कोशिश करती हूँ। इसमें सफलता का पैमाना पाठकों की प्रतिक्रिया होती है। बस पढ़ते रहिऐगाऔर सुधार के सुझाव देते रहिए।
सारांश
मैं बस अपनी भावनाओं और सोच को शब्द रूपी कपडे़ पहनाने की कोशिश करती हूँ। इसमें सफलता का पैमाना पाठकों की प्रतिक्रिया होती है। बस पढ़ते रहिऐगाऔर सुधार के सुझाव देते रहिए।
जी बहुत ही बेहतरीन कहानी लक्ष्मी के संघर्ष के कारण ही अनीता जैसी सहेली ढूंढ पाई और उसके इस संघर्ष में निशा का भी बहुत बड़ा हाथ है और लक्ष्मी के जिस पर की दाद देनी पड़ेगी और निशा कीर की भी
रिपोर्ट की समस्या
सुपरफैन
अपने प्रिय लेखक को सब्सक्राइब करें और सुपरफैन बनें !
जी बहुत ही बेहतरीन कहानी लक्ष्मी के संघर्ष के कारण ही अनीता जैसी सहेली ढूंढ पाई और उसके इस संघर्ष में निशा का भी बहुत बड़ा हाथ है और लक्ष्मी के जिस पर की दाद देनी पड़ेगी और निशा कीर की भी
रिपोर्ट की समस्या
सुपरफैन
अपने प्रिय लेखक को सब्सक्राइब करें और सुपरफैन बनें !
रिपोर्ट की समस्या
रिपोर्ट की समस्या
रिपोर्ट की समस्या