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लड़ियों पर टँके सपने

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टूटकर गिरती आसमान से इन बूँदों की लड़ी में कब से सपने टाँकती हो देखती हो उदास अगले ही क्षण धरती पर गिर बिखरते सपनों की कड़ियाँ पर फिर बूँदों से बनते शीतल जलधार में अगोरती हो जीने की अभिलाषा और फिर ...

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लेखक के बारे में
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सरिता कुमारी

शिक्षा- एम. ए. (संस्कृत), इलाहाबाद विश्वविद्यालय, इलाहबाद कार्यक्षेत्र-भारतीय राजस्व सेवा(आय कर) कृतियाँ - कविता संग्रह- "अनुभूति" (वर्ष 2014), "एक टुकड़ा धूप का"( वर्ष 2015) में प्रकाशित कहानी संग्रह 'उजालों के रंग' शीर्षक से - अनुज्ञा बुक्स, 1/10206,लेन नं. 1E, वेस्ट गोरख पार्क, शाहदरा, दिल्ली -110032, email : [email protected], [email protected], फोन : 011 - 22825424, 09350809192 www : anuugyabooks.com से वर्ष 2018 में प्रकाशित। कई कहानियाँ, 'साहित्य अमृत', प्रतिलिपि. कॉम की ई पत्रिका 'प्रतिलिपि लेखनी', कथाक्रम', 'परिकथा', 'वागर्थ', 'कथादेश',' इंद्रप्रस्थ भारती',' पाखी',' नया ज्ञानोदय', 'निकट', 'आधुनिक साहित्य',' हिन्दी चेतना', 'भवन्स नवनीत', 'कादम्बिनी', 'वार्षिक पुनर्नवा',' वार्षिक लोकमत विशेषांक', समाचारपत्र 'दैनिक जागरण',' जनसत्ता', 'दैनिक भास्कर' आदि में प्रकाशित।

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  • author
    संतोषी साहू
    27 अप्रैल 2019
    अति सुन्दर
  • author
    Nabeel Muheet
    04 जुलाई 2016
    goood.........
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    संतोषी साहू
    27 अप्रैल 2019
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    Nabeel Muheet
    04 जुलाई 2016
    goood.........