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क्यों मौन तुम्हारा प्यार

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नही इकरार नही इंकार कुछ तो करो इजहार क्यों मोन तुम्हार प्यार मेरे मन के मीत मेरी दिल की प्रीत मेरा पहला गीत तुम हो मेरा पहला प्यार दिल की बहार सावन श्रृंगार तुम हो बस कहदो तुम एक बार मुझे हो गया तुम ...

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समीक्षा
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  • कुल टिप्पणी
  • author
    Naveen Pawar
    22 जनवरी 2022
    आदरणीया महोदया जी आपकी कवितावली बहुत खुबसुरत होती है उपयुक्तता लफ्ज दिल की गहराई मे अमिट छाप छोड जाते है
  • author
    Rahul Gupta
    10 जून 2022
    कई बार दिल में तो होता है, ढेर सा गुबार, पर सामने आकर,शांत सा हो जाता है, पू नहीं क्यूं...
  • author
    अरविन्द सिन्हा
    22 दिसम्बर 2022
    बहुत ही सुन्दर अभिव्यक्ति । हार्दिक साधुवाद
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    Naveen Pawar
    22 जनवरी 2022
    आदरणीया महोदया जी आपकी कवितावली बहुत खुबसुरत होती है उपयुक्तता लफ्ज दिल की गहराई मे अमिट छाप छोड जाते है
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    Rahul Gupta
    10 जून 2022
    कई बार दिल में तो होता है, ढेर सा गुबार, पर सामने आकर,शांत सा हो जाता है, पू नहीं क्यूं...
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    अरविन्द सिन्हा
    22 दिसम्बर 2022
    बहुत ही सुन्दर अभिव्यक्ति । हार्दिक साधुवाद