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क्या चाहती हूं मैं ?

4.1
3023

‘आप क्या चाहते हैं ?’ उसकी उसकी आवाज़ में विवशता, आंखों में विनम्रता तथा बैठने के ढंग में अपना छोटापन ज़ाहिर था हालांकि वह उसकी पत्नि थी। दो बच्चों की मां थी। विवाह को दस वर्ष हो चुके थे किन्तु मां और ...

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लेखक के बारे में
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डॉ.संतोष गोयल
समीक्षा
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  • कुल टिप्पणी
  • author
    Arti Saini
    17 जुलाई 2018
    उल्टा चोर कोतवाल को डांटे।एक आदमी अपनी गलती को किस तरह अपनी बीबी के सिर मढ़ता है उसका अच्छा उदहारण ...
  • author
    विजय सिंह "बैस"
    20 दिसम्बर 2018
    जिन पर विश्वास होता है वहीं से विश्वास घात होता है।
  • author
    Hina Kureshi
    28 दिसम्बर 2018
    इन सब के बावजूद खुद की इज्जत और खुशी भी मायने रखती हैं
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    Arti Saini
    17 जुलाई 2018
    उल्टा चोर कोतवाल को डांटे।एक आदमी अपनी गलती को किस तरह अपनी बीबी के सिर मढ़ता है उसका अच्छा उदहारण ...
  • author
    विजय सिंह "बैस"
    20 दिसम्बर 2018
    जिन पर विश्वास होता है वहीं से विश्वास घात होता है।
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    Hina Kureshi
    28 दिसम्बर 2018
    इन सब के बावजूद खुद की इज्जत और खुशी भी मायने रखती हैं