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क्या अब

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क्या अब तुम्हें भी मेरी आंखों में तैरते रंगीन सपने नहीं दिखते क्या अब तुम्हें भी मेरी चाहत में तितलियों के रंग नहीं दिखते क्या अब तुम्हें भी मेरे जीवन में खुशियों के पल नहीं दिखते धुंधला -सी गई ...