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कुछ बातें दिल की दिल से........

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4.2

मैं करूँ ना करूँ हो जाती है बात उसकी कहीं भी चला जाऊँ यादें हैं साथ उसकी, वो हाँ, ना कहेगी इन्तज़ार में रुकना मेरे लिए मुश्किल है इससे अच्छा है मर जाऊँ और छोड़ दूँ क़ायनात उसकी। **** एक तस्वीर है आ ...