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क्षन्भन्गुर यह जीवन

4.3
520

हम इस दुनिया के मुसाफिर है काल की घन्टी निरन्तर बजती है यहा कोइ न अपना- पराया है बन्द मुठ्ठी और खाली हाथ इस जीवन का सत्य है इस सत्य का आत्म् साक्षातकार ही जीवन की सार्थकता है क्या जाने कब आए उस ...

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लेखक के बारे में
समीक्षा
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    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    अरविन्द सिन्हा
    06 मार्च 2022
    जीवन के यथार्थ को उद्घाटित करती सुन्दर रचना ।
  • author
    Manjit Singh
    09 अक्टूबर 2020
    अटल सत्य कहा दुनिया तो झूठी है
  • author
    04 अगस्त 2024
    सत्य कहा है आपने
  • author
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  • author
    अरविन्द सिन्हा
    06 मार्च 2022
    जीवन के यथार्थ को उद्घाटित करती सुन्दर रचना ।
  • author
    Manjit Singh
    09 अक्टूबर 2020
    अटल सत्य कहा दुनिया तो झूठी है
  • author
    04 अगस्त 2024
    सत्य कहा है आपने