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कृष्ण दोहे

4.7
11

कृष्ण दोहावली कृष्ण पक्ष जन्माष्टमी , हुआ कृष्ण  अवतार, दुष्टों का संहार करे, जग के पालन हार ।। मेघ  गर्जन बीच मे, थी भादों की रात, द्वारपाल सब सो रहे, बडी अनोखी बात ।। देवकी वासुदेव पुत्र, ...

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लेखक के बारे में
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Poonam Mishra

पूनम मिश्र, विज्ञान स्नातक, पत्रकारिता कई वर्षों तक कार्यरत रही । दो कृति प्रकाशित गीली माटी साझा संकलन, कैकेयी, दिल्ली से प्रकाशित हाईकू मंथन मे हाईकू को स्थान प्राप्त , अंग्रेजी पुस्तक NOW का अनुवाद हिंदी मे किया जो प्रकाशन मे है , चोका संग्रह प्रकाशित । हिंदी महिला समिति द्वारा स्वंय सिध्दा पुरस्कार, मध्य रेलवे यूनियन द्वारा महिला पत्रकारिता के लिए लगातार 2 वर्ष तक सर्वश्रेष्ठ महिला पत्रकार से सम्मानित, व अन्य कई पुरस्कारों से सम्मानित अभी हाल ही मे हिंदी सेवा पुरस्कार से सम्मानित, ।

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  • author
    पवनेश मिश्रा
    15 अप्रैल 2020
    जय श्री राधे गोविन्द, बेहद सहज और शोभनीय सृजन 🙏🌹🙏,
  • author
    15 अप्रैल 2020
    पूनम जी दोहे बहुत सुन्दर हैं।कहीं कहीं भाषा की दृष्टि से छन्द सही नहीं। दोहा मात्रिक छन्द है।इसके पहलेऔर तीसरे चरण में १३-१३ मात्राएं तथा दूसरे और चोथे चरण में ११ -११ मात्राएं होती हैं। अनुनासिक और आधे वर्ण की भी गणना नियमानुसार की जाती है। कृपया अन्यथा न लें।
  • author
    Aslam Kahn
    15 अप्रैल 2020
    वेरी गुड़
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    पवनेश मिश्रा
    15 अप्रैल 2020
    जय श्री राधे गोविन्द, बेहद सहज और शोभनीय सृजन 🙏🌹🙏,
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    15 अप्रैल 2020
    पूनम जी दोहे बहुत सुन्दर हैं।कहीं कहीं भाषा की दृष्टि से छन्द सही नहीं। दोहा मात्रिक छन्द है।इसके पहलेऔर तीसरे चरण में १३-१३ मात्राएं तथा दूसरे और चोथे चरण में ११ -११ मात्राएं होती हैं। अनुनासिक और आधे वर्ण की भी गणना नियमानुसार की जाती है। कृपया अन्यथा न लें।
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    Aslam Kahn
    15 अप्रैल 2020
    वेरी गुड़