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कोई लिख सकता है प्रेम कहानी ..

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एक बात कहूँ बहुत मुश्किल है ये कहना के आआह कितना सुंदर फूल है , कितनी कोमल पत्तियां हैं कितना भोला लगता है ना ये चाँद भर लूं आँखों में इसे या इस सूरज को तो ना मैं एक दिन अपनी अंगूठी में जड़वा ही...

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लेखक के बारे में

मैं उज्जैन की रहने वाली हूँ ,मेरे माता पिता का नाम श्री रमेश भावसार और श्रीमती शकुंतला भावसार है। मैंने जावरा पॉलिटेक्निक से इलेक्ट्रिकल विषय में डिप्लोमा व , साहित्य में रूचि होने के कारण मैंने हिंदी साहित्य में पार्ट टाइम एम.ए. भी किया है। फ़िलहाल कंस्ट्रक्शन कंपनी में कार्यरत हूँ। लेखन कार्य शौकिया तौर पर करती हूँ। मुझे पढ़ना बहुत पसंद है , वैसे ज़्यादातर मुझे ग़ज़लें पढ़ने का शौक है। बशीर साब और दुष्यंतकुमार मेरे पसंदीदा शायर हैं। बाकी मुझे सबकुछ पढ़ना अच्छा लगता है। जो भी दिल को छू जाए , वो मेरा पसंदीदा हो जाता है।

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    shivani
    08 नवम्बर 2018
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