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कायापलट

4.2
88

फिर भी राज उस स्थान से आकर्षित हुआ क्योंकि राज ने दर्शन किये थे इस जगह पर सच्चे प्यार के, उसने आभास पाया था प्रियतम और प्रियतमा की विरहाग्नि का और उसने सुनी थी अंतर्वेदना बिछुड़े हुए प्रेम पंछियों की।

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लेखक के बारे में

कहानियां मैं लिखता नहीं हूं बल्कि कहानियों के आंगन में खड़े होकर थ्री डी फिल्म की तरह गुजरता हूँ। सम्पर्क ः ‘नीड़’ गली न. 1, आदर्श कॉलोनी, गुना (म.प्र.) फोन - (07542) 292202 मोबा. - 9329236094 ईमेल ः[email protected]

समीक्षा
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    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    विजय सिंह "बैस"
    21 दिसम्बर 2019
    देश और विश्व की बढ़ती आबादी एवं धार्मिक भावनाओं में बढ़ती रूढ़ियों के कारण प्रकृति की सहजता कम हो रही है और विनाशकारी घटनाओं में बढ़ोतरी हो रही है ।
  • author
    Sudhir Kumar Sharma
    19 फ़रवरी 2020
    चैतन्यपूर्ण
  • author
    20 जनवरी 2020
    👌👌👌
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    विजय सिंह "बैस"
    21 दिसम्बर 2019
    देश और विश्व की बढ़ती आबादी एवं धार्मिक भावनाओं में बढ़ती रूढ़ियों के कारण प्रकृति की सहजता कम हो रही है और विनाशकारी घटनाओं में बढ़ोतरी हो रही है ।
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    Sudhir Kumar Sharma
    19 फ़रवरी 2020
    चैतन्यपूर्ण
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    20 जनवरी 2020
    👌👌👌