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कटार कहाँ से ?

4.6
234

मैंने बेटे को कलम दी थी कहा था इसे संभाल कर रखना बहुत काम आएगी उस उक्त से समय बहुत बीत गया उसके जूते बड़े हो गये किताबें मोटी थैले का वजन बढ़ता गया बदलने को बहुत कुछ बदला वह भी कितना बदल गया आज उसके...

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लेखक के बारे में
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कौशल किशोर

कौशल किशोर कवि, समीक्षक, संस्कृतिकर्मी व पत्रकार जन्म: सुरेमनपुर (बलिया, उŸार प्रदेश), 01 जनवरी 1954, स्कूल के प्रमाण पत्र में। वैसे जन्म 25 दिसम्बर 1951। ‘युवालेखन’ (1972 से 74) ‘परिपत्र’ (1975 से 78) तथा ‘जन संस्कृति’ (1983 से 90) का संपादन। संप्रति: ‘जनसंदेश टाइम्स’ दैनिक के साहित्यिक पृष्ठ ‘सृजन’ का संपादन तथा लखनऊ से प्रकाशित त्रैमासिक साहित्यिक पत्रिका ‘रेवान्त’ के प्रधान संपादक। जन संस्कृति मंच के संस्थापकों में प्रमुख तथा मंच के पहले राष्ट्रीय संगठन सचिव। वर्तमान में उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष। का्रन्तिकारी वाम सांस्कृतिक आंदोलन का सिपाही। पहल, उŸारार्द्ध, युग परिबोध, कथाक्रम, उŸारगाथा, समकालीन जनमत, कथन, वर्तमान साहित्य, पुरुष, अन्ततः, कविता, हंस, कथादेश समावर्तन, इसलिए, आइना, रविवार, प्रारुप, युवा, शरर, निष्कर्ष, लहक, शब्दिता, जनसŸाा, अमृत प्रभात, रविवार, हिन्दुस्तान, अमर उजाला, आज, जनसंदेश टाइम्स, श्री टाइम्स, राष्ट्रीय सहारा, डेली न्यूज, अन्ततः, छपते छपते आदि अनगिनत पत्र-पत्रिकाओ में रचनाएं प्रकाशित। कुछ कविताओं का बांग्ला, असमिया, पंजाबी व तेलुगु में अनुवाद। ’रेवान्त’ के नरेश सक्सेना एकाग्र का संपादन। कुछ रचनाएं पुस्तकों में संकलित। अब तक कोई किताब या संग्रह प्रकाशित नहीं। कारण सामाजिक व सांस्कृतिक आंदोलन में अत्यधिक व्यस्तता और अपने निज के प्रदर्शन व प्रकाशन के प्रति उपेक्षा का भाव जबकि मित्रों का इसके लिए स्नेहयुक्त आग्रह व दबाव। यदि अपने चार दशक से अधिक की साहित्य यात्रा में लिखे को समेटू तो दर्जन से अधिक किताबें तैयार हो सकती हैं। संपर्क: एफ.3144, राजाजीपुरम, लखनऊ.226017 फोन : 08400208031, 09807519227

समीक्षा
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    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Manjit Singh
    06 अक्टूबर 2020
    pen is mighty than the sword कहावत अनुसार कलम ही कटार है दूसरी बात वर्तमान में इतने ज़ुल्म हो रहे है,सवेरक्षा और गरीबों की रक्षा के लिए कटार ज़रूरी है, जो आदमी भारत का २४००० करोड़ रुपए खा जाए क्या उसको सलाम करे?
  • author
    AJITA TRIPATHI
    26 जुलाई 2020
    आज की सबसे बड़ी विडंबना...
  • author
    26 जनवरी 2023
    right
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    Manjit Singh
    06 अक्टूबर 2020
    pen is mighty than the sword कहावत अनुसार कलम ही कटार है दूसरी बात वर्तमान में इतने ज़ुल्म हो रहे है,सवेरक्षा और गरीबों की रक्षा के लिए कटार ज़रूरी है, जो आदमी भारत का २४००० करोड़ रुपए खा जाए क्या उसको सलाम करे?
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    AJITA TRIPATHI
    26 जुलाई 2020
    आज की सबसे बड़ी विडंबना...
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    26 जनवरी 2023
    right