pratilipi-logo प्रतिलिपि
हिन्दी

काश ये नशीली आँखें..

5
7

ऊफ क्या नशीली आंखे पायी हैं तुमने ..यूं तो सभी आंखो को शायरों ने मयखाना ही कहा है तो क्या गलत कहा है ..बहुत तरह की आँखें पाई जाती हैं मगर सब की सब एक जैसी नशीली नहीं होती और सभी की पसंद अलग अलग हुआ ...

अभी पढ़ें
लेखक के बारे में
author
Mohan Sharma

भईया ऐसा कोई करामती हूं नहीं.. एक साधारण सा व्यक्ति हूँ.. जो दिल में आ जाए उसे शब्दों में ढालने की कोशिश कर लेता हूँ..

समीक्षा
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Jagriti "JagGu"
    02 फ़रवरी 2021
    किनकी आंखें देख ली sir आपने 😁😁👌🏻👌🏻, बहुत अच्छी लिखी है,,और बड़ी भी😋😋😋
  • author
    लेखराम साहू
    27 जनवरी 2021
    बहुत बेहतरीन लिखे आपने सर 👌👌💐
  • author
    Jaya Sharma "प्रियंवदा"
    27 जनवरी 2021
    सुन्दर अभिव्यक्ति
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Jagriti "JagGu"
    02 फ़रवरी 2021
    किनकी आंखें देख ली sir आपने 😁😁👌🏻👌🏻, बहुत अच्छी लिखी है,,और बड़ी भी😋😋😋
  • author
    लेखराम साहू
    27 जनवरी 2021
    बहुत बेहतरीन लिखे आपने सर 👌👌💐
  • author
    Jaya Sharma "प्रियंवदा"
    27 जनवरी 2021
    सुन्दर अभिव्यक्ति