काश कोई अपना होता काश कोई अपना होता... जो समझता मेरे एहसास मेरे जज्बात काश कोई अपना होता... जिससे दिल की बातें साझा करता जिससे पल दो पल रूबरू होता... काश कोई अपना होता सिसकियां दफन है मेरे अल्फाज ...

प्रतिलिपिकाश कोई अपना होता काश कोई अपना होता... जो समझता मेरे एहसास मेरे जज्बात काश कोई अपना होता... जिससे दिल की बातें साझा करता जिससे पल दो पल रूबरू होता... काश कोई अपना होता सिसकियां दफन है मेरे अल्फाज ...