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कस्बाई लड़की की प्रेम कथा

4.2
6552

नब्बे के दशक के शुरूआत में आयी एक मल्टी स्टारर फार्मूला फिल्म का संवाद था, जो झरने, पहाड़, हरियाली से भरे नितान्त रोमांटिक माहौल मे नायिका का हाथ अपने हाथ मे लेकर नायक बोलता है, "...हमारे कबीलों के ...

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समीक्षा
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  • कुल टिप्पणी
  • author
    27 सितम्बर 2018
    पुरुष सत्तात्मक समाज के छद्म को उजागर करती बेहद मार्मिक कहानी है । प्रदीप मिश्र समर्थ कहानीकार है । बड़ी सहजता से वे विमर्श का बड़ा फलक बुनते हैं । कहानी में दूर की कौड़ी न होकर जीवन का स्वाभाविक व यथार्थ चित्रण है । एक अच्छी कहानी के लिए बधाई ।
  • author
    Nausheena Khanam
    11 जुलाई 2020
    bahut sahi Marg darshan deti kahani hamare samaj ka aaina hai dahej aisi hi kuriti hai lalach ki bhet Chad gayi bechari ladki bahut khub likha hai sir AP ne bahut achchi kahani lagi apni si
  • author
    AnshuPriya Agrawal
    05 मार्च 2020
    बहुत सुंदर कहानी कथावस्तु बहुत ही सार्थक, हर पात्र बहुत सजीवता से गढ़े गए हैं, मानों कोई चलचित्र चल रही हो, 🙏🙏 👌👌🙏💐 आपकी प्रशंसा के लिए और बधाई देने के लिये शब्दों की कमी महसूस कर रही हूँ ..... बहुत बढ़िया बहुत बहुत बधाई और शुभकामनायें
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    27 सितम्बर 2018
    पुरुष सत्तात्मक समाज के छद्म को उजागर करती बेहद मार्मिक कहानी है । प्रदीप मिश्र समर्थ कहानीकार है । बड़ी सहजता से वे विमर्श का बड़ा फलक बुनते हैं । कहानी में दूर की कौड़ी न होकर जीवन का स्वाभाविक व यथार्थ चित्रण है । एक अच्छी कहानी के लिए बधाई ।
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    Nausheena Khanam
    11 जुलाई 2020
    bahut sahi Marg darshan deti kahani hamare samaj ka aaina hai dahej aisi hi kuriti hai lalach ki bhet Chad gayi bechari ladki bahut khub likha hai sir AP ne bahut achchi kahani lagi apni si
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    AnshuPriya Agrawal
    05 मार्च 2020
    बहुत सुंदर कहानी कथावस्तु बहुत ही सार्थक, हर पात्र बहुत सजीवता से गढ़े गए हैं, मानों कोई चलचित्र चल रही हो, 🙏🙏 👌👌🙏💐 आपकी प्रशंसा के लिए और बधाई देने के लिये शब्दों की कमी महसूस कर रही हूँ ..... बहुत बढ़िया बहुत बहुत बधाई और शुभकामनायें