pratilipi-logo प्रतिलिपि
हिन्दी

क़सम तुम्हारी

3.8
62346

ये कहानी है कुछ यादों की , ये कहानी है पुरानी बातों की , ये कहानी है कुछ वादों की , ये कहानी वही जज़्बातों की.....पढिए और महसूस कीजिये एक नई प्रेम कहानी....

अभी पढ़ें
लेखक के बारे में

तुम मुझे पढ़ा करो साहब, तुम्हें अच्छा लगेगा...

समीक्षा
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Yadunandan Mishra
    04 फ़रवरी 2019
    ये कहानी कम लगती है, दिल के जज़्बात ज़्यादा बयां कर रही है।
  • author
    shalu rani
    27 जून 2019
    kuch apni si lgi..😢
  • author
    Abha Saraswat
    30 सितम्बर 2018
    excellent. समर्पण की भावना बखूबी व्यक्त की हैं। अच्छी रचना हैं।
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Yadunandan Mishra
    04 फ़रवरी 2019
    ये कहानी कम लगती है, दिल के जज़्बात ज़्यादा बयां कर रही है।
  • author
    shalu rani
    27 जून 2019
    kuch apni si lgi..😢
  • author
    Abha Saraswat
    30 सितम्बर 2018
    excellent. समर्पण की भावना बखूबी व्यक्त की हैं। अच्छी रचना हैं।