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कर्ज़ चुकाना बाकी है ।

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धीरे धीरे चल ए जिंदगी अभी कर्ज चुकाना बाकी है । कुछ फर्ज निभाना बाकी है, कुछ फर्ज निभाना बाकी है।। तेरे संग- संग चलते रहने से । रूठ गए कुछ छूट गए ।। रिश्ते भी उलझ कर रह गए । कुछ हंसते रोते रह गए ।। ...

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लेखक के बारे में
author
Rajni Barnwal

अनुभव कहता है खामोशियां ही बेहतर है शब्दों से लोग बहुत रूठते हैं ?????🙄🙏🔥🔥 झूठ कहूं तो लफ्जों का दम घुटता है 🖋️ सच कहूं तो अपने भी खफा हो जाते हैं ?? 💔🔥

समीक्षा
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Santosh Kumar
    11 दिसम्बर 2020
    मन तो जिद्दी बच्चा है उसको समझाना बाकी है।बहुत सुंदर पंक्तियां लिखी हैं आपने।
  • author
    Birendra Sinha
    11 दिसम्बर 2020
    अति उत्तम, सुन्दर अभिव्यक्ति,
  • author
    Shashank Baranwal
    15 जनवरी 2021
    ñice 👌
  • author
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  • कुल टिप्पणी
  • author
    Santosh Kumar
    11 दिसम्बर 2020
    मन तो जिद्दी बच्चा है उसको समझाना बाकी है।बहुत सुंदर पंक्तियां लिखी हैं आपने।
  • author
    Birendra Sinha
    11 दिसम्बर 2020
    अति उत्तम, सुन्दर अभिव्यक्ति,
  • author
    Shashank Baranwal
    15 जनवरी 2021
    ñice 👌