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करवा चौथ

4.3
312

रात दूधिया लगती है चाँदनी वाली रातों में मेहँदी लगाये बैठी हैं वो गोरे-गोरे हाथों में...... कुमकुम,काजल, मेहँदी, महावर ,भरी चूड़ियों से बाँहें छत के मुँडेरे पर तकता है एक चाँद, चन्दा की राहें... मन ...

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लेखक के बारे में
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कुमार विवेक
समीक्षा
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Sandeep Raushan
    13 मार्च 2018
    A very good feeling and flow in the word selection
  • author
    Kalpana Misra
    14 सितम्बर 2018
    शब्दों का सुंदर संयोजन
  • author
    Shailendra Kumar
    04 जून 2021
    अच्छा प्रयास।
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  • author
    Sandeep Raushan
    13 मार्च 2018
    A very good feeling and flow in the word selection
  • author
    Kalpana Misra
    14 सितम्बर 2018
    शब्दों का सुंदर संयोजन
  • author
    Shailendra Kumar
    04 जून 2021
    अच्छा प्रयास।