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कर्म पत्नी -

4.5
73420

विनोद को देहरादून में तेरह साल हो चुके थे । साथ में तीन बच्चे ... दो बेटे और एक बेटी । बेटे स्कूल जाते हैं , और बेटी डीएवी काॅलेज में पढ़ाई करती है । विनोद का घर धर्मपुर में है , पत्नी उषा ...

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लेखक के बारे में
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SURYA RAWAT

- POET - WRITER - LYRICIST सभी रचनाएँ MUMBAI SCREENWRITERS ASSOCIATION ( SWA ) द्वारा पंजीकृत हैं । मेरा लेखक कार्ड क्रमांक ( MEM NO. 43941) है । रचनाओं के प्रति छेड़छाड़ के विरूद्ध ... अधिकार 1926 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी । ______________________________________________ मुझे सभी परचित य अपरिचित " प्रिय पाठकों " की गालियाँ और तालियाँ दोनों स्वीकार हैं । 🙏 कभी मुझे गाली देने का मन करे तो खुलकर दीजिएगा । 😊😊 मुझे बुरा नहीं लगेगा । किंतु यदि कहानी पढ़ने के बाद , अच्छी शिक्षा लेने की बजाय यदि आप ग़लत शिक्षा प्राप्त करने के बाद, ग़लत मार्ग चुनते हैं तो इसकी ज़िम्मेदारी स्वयं पढ़ने वाले की होगी । ______________________________________________ ●Instagram☞ surya_rawat29 ☆Facebook☜ Surya Rawat https://www.facebook.com/profile.php?id=100004918680334 ●Twitter ☞ @Surya_rawat4 Please Don't take screen shots 😊🙏🙏🙏 please------ please _______________________________________________ ●मूल निवास :- ( उत्तरांचल ) शिक्षा ग्रैजुएशन अंग्रेज़ी इतिहास हिन्दी भूगोल देहरादून , Post graduation 🎓 HISTORY, HINDI मुंबई फ़िल्म उद्योग ● उम्र - 30 जन्मदिन - 31 जनवरी _______________________________________________ सर्वे भवंतु सुखिनः विश्व का कल्याण हो । मेरे लिए मानवता धर्म सबसे बड़ा है । यह संपूर्ण पृथ्वी मेरा घर है। जय हिंद नमस्कार धर्म के नाम पर फैलती कुरीति पर लिखता हूँ.... चाहे वह कुरीति कहीं भी .... किसी भी धर्म की हो । ________________________________________________ १•मैं क्रूर और उग्र आलोचना से भरा दिखता हूँ, किंतु हृदय कोमल है । आप मुझे पढ़ने के पश्चात कभी भी निराश नहीं होंगे , इसकी मैं प्रत्याभूति देता हूँ । 🙏 ______________________________________________ २• मैं समाज की किसी भी बुराई को नहीं बढ़ाना चाहता, मेरा उद्देश्य मात्र लिखना है । आप मेरे लेखन की आलोचना कर सकते हैं , किंतु यह भी देखें कि , मैंने लिखा तभी है जब कुछ घटित हुआ है । ३•सभी कविताओं/कहानियों एवं लेख\उपन्यास के अधिकार मेरे पास सुरक्षित हैं । मेरे बिना अनुमति के फिल्म में संवाद जोड़ना य नकल कर के काट-छाँट - कर निज उपयोग करना , आपको मुसीबत की गोद में बिठा सकता है । छोटी सी नकल आपको शर्मिंदगी का शिकार बना देगी । मैं बहुत लोगों को नकल करने के जुर्म में नकलचियों को घसीट चुका हूँ । किसी में लेशमात्र भी शर्म होगी , तो वो दूसरे की रचना नहीं चुरायेगा/चुरायेगी । _____________________________________________ ४• मेरे हृदय में प्रेम ही प्रेम है , कौन है जो उसका लाभ उठाना चाहता है , आइए सहर्ष स्वीकार है । ५• मैं निज जीवन में किसी का हृदय दुःखाने के उद्देश्य से अपशब्दों का प्रयोग नहीं करता , किंतु लेखन के समय मेरी मृत्यु हो जाती है । तब मैं वो नहीं रहता जिसे आप देखते हैं.... मैं खुलेआम लिखता हूँ , क्योंकि वह चरित्र पात्र के लिए आवश्यक होता है .. जो कल्पनाओं के माध्यम से कहानी में उमड़ पड़ता है । _____________________________________________ UDANN ☆JIJImaa ☆CRIME PATROL ☆SAVDHAN INDIA ☆ NAAMKRAN ☆CGM ☆ RADHA KRISHNA ☆ LUV KUSH ☆KRISHNA☆KESRI☆GC BC ☆PORAS ☆NAVRANGI RE.....Etc. 《[》 २० धारावाहिक एवं तीन फिल्में की हैं । १७० कविताएँ एवं १०० कहानियों का संग्रह है । और उपन्यास । 《]》 ●Note :- ☞....यदि आप सोचते हैं... Surya Rawat बहुत अच्छा लेखक है.. तो आप सही सोचते हैं । यदि आप सोचते हैं...Surya Rawat बहुत घटिया किस्म का लेखक है... तब भी आप सही सोचते होंगे । First read me .... then follow..... और बगैर पढ़े प्रशंसा / आलोचना न करें.... मुझे पढ़ने के लिए न पढ़ें प्रत्युक्त समझने के लिए पढ़ें । 🙏 जय हिंद .... जय भारत 🇮🇳 जय उत्तरांचल 🙏

समीक्षा
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    Poonam Aggarwal
    19 સપ્ટેમ્બર 2019
    बहुत संवेदनशील कहानी है । एक गृहणी सच में काफ़ी कुछ झेल कर घर को सम्भालती है । पर बच्चों को घर में हाथ बंटाने की आदत डालना भी एक गृहणी का फर्ज़ है । मोनाली को देखने लड़के वाले आने वाले हैं और मेरे अनुसार उसे रत्ती भर शऊर उसकी माँ ने नहीं सिखाया । टॉयलेट सीट अगर गन्दी है तो बच्चे सफाई के लिये माँ का मुंह देख रहे हैं । माफ कीजिएगा वक़्त पर बच्चों को चांटा मारने का फ़र्ज़ भी एक गृहणी और अच्छी माँ का ही है ।
  • author
    लायबा अंसारी
    07 માર્ચ 2019
    Me heran hu ...bht zyada heran......kisi purush ko grahni k dard ka itna ahsas hote pehli baar dekh rahi hu.....har 100 me se 95 grahni isi haal se joojh rahi hy...itne sateek chitran k liye dhanyavaad
  • author
    रीना आर्या
    07 માર્ચ 2019
    अनगिनत उषा जैसी औरतों के दयनीय हालत को शब्द देने के की लिए आपका धन्यवाद सूर्य जी। आपकी अवलोकन शक्ति भी गजब है। स्त्री के मन का मर्म आपने इतनी कम उम्र में समझ लिया। बधाई
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    Poonam Aggarwal
    19 સપ્ટેમ્બર 2019
    बहुत संवेदनशील कहानी है । एक गृहणी सच में काफ़ी कुछ झेल कर घर को सम्भालती है । पर बच्चों को घर में हाथ बंटाने की आदत डालना भी एक गृहणी का फर्ज़ है । मोनाली को देखने लड़के वाले आने वाले हैं और मेरे अनुसार उसे रत्ती भर शऊर उसकी माँ ने नहीं सिखाया । टॉयलेट सीट अगर गन्दी है तो बच्चे सफाई के लिये माँ का मुंह देख रहे हैं । माफ कीजिएगा वक़्त पर बच्चों को चांटा मारने का फ़र्ज़ भी एक गृहणी और अच्छी माँ का ही है ।
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    लायबा अंसारी
    07 માર્ચ 2019
    Me heran hu ...bht zyada heran......kisi purush ko grahni k dard ka itna ahsas hote pehli baar dekh rahi hu.....har 100 me se 95 grahni isi haal se joojh rahi hy...itne sateek chitran k liye dhanyavaad
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    रीना आर्या
    07 માર્ચ 2019
    अनगिनत उषा जैसी औरतों के दयनीय हालत को शब्द देने के की लिए आपका धन्यवाद सूर्य जी। आपकी अवलोकन शक्ति भी गजब है। स्त्री के मन का मर्म आपने इतनी कम उम्र में समझ लिया। बधाई