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कल्पवृक्ष : दुर्लभ दर्शन

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जीवन की व्यस्तताओं से जैसे ही थोड़ा-सा अवकाश मिला।हम सैर को निकल पड़े। रिमझिम फुहारों और काली सर्पीली सड़कों के दोनों ओर हरीतिमा मन मोह रही थी। मधुर शीतल बयार हमारे गालों के साथ-साथ बालों को भी ...

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navneeta chourasia
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    Arunima Dubey
    26 अगस्त 2022
    बहुत सुंदर लेख ,आपके माध्यम से कल्पतरु के दर्शन मिले बहुत बहुत धन्यवाद नवनीता जी,एक कल्पवृक्ष मैंने प्रयागराज के किले में भी देखा है।आज आपके माध्यम से दोनों नर और मादा वृक्ष के अनमोल दर्शन भी प्राप्त कर लिए,आपकी यात्रा मंगलमय हो और खूब सारे आनंददायक पारिवारिक सुखमय लम्हे समेट कर वापस आएं इन्हीं मंगलकामनाओं के साथ अनेकानेक साधुवाद 👌👌👌👌👌🙏💐🙏❤️❤️❤️❤️🥰🥰💖💖👍
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    29 अगस्त 2022
    राधे राधे 🙏🏻 🌷 🙏🏻 बांसवाडा सच में ही बहुत सुन्दर शहर है। हम ने भी सुना है। किन्तु कभी देखने का सुअवसर नहीं मिला। आज आपके माध्यम से कल्पवृक्ष के दर्शन करके हम धन्य हो गये। पौराणिक कथाओं के अनुसार, स्वर्ग में दो ही वृक्षों का विशेष रूप से वर्णन मिलता है - कल्पवृक्ष और पारिजात। कहते हैं कि एक विशेष व्रत की पूर्णाहुति के लिए ठाकुर जी उसे स्वर्ग से धरती पर ले आए थे। किन्तु कल्पवृक्ष कब धरती पर आया इसके बारे में जानकारी नहीं है हमें। आपके माध्यम से आज कल्पवृक्ष के दर्शन मिले, ये हमारे किसी पुण्य फल का उदय ही है। अति पावन और मंगलकारी लेख के लिए ढेरों बधाईयाँ मक्खन मलाई 🥰 🥰 🥰 🥰 🥰 आपकी लेखनी पे माँ शारदे की कृपा बनी रहे 🙏🏻 🌹 🙏🏻 राधे राधे 🙏🏻🌷🙏🏻
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    26 अगस्त 2022
    बाह बेटी, पढने से पहले ही मेरी ओर से, धन्यवाद स्वीकार करो.मैने धार्मिक ग्रंथ, सुखसागर मे, इस बृक्ष के बारे मे बहुत कुछ पढा था, मगर दर्शन, भले ही चित्र के माध्यम से ही सही, तुम्हारे सौजन्य से मिला तो,,, मन सच मे आह्लादित हो गया.सुखसागर मे भी इसके नर और मादा होने की चर्चा है,,,, बहुत ही दुर्लभ है,,, दर्शन से जन्म कृतार्थ हो जाता है,,, मै तुम्हारी रचनाओं के माध्यम से ही अवगत हूँ, कि तुम्हें प्रकृति से और विशेषकर पेड़ और नदियों से गहरा लगाव है और यह लगाव आज जीवन सफल कर दिया.बहुत ही सुन्दर और मधुर शैली मे तुमने इसका वर्णन भी किया और चित्र से दर्शन भी कराया, यात्रा तुमने की और उसका प्रसाद मुझे भी मिला,,, सदा खुश रहो बेटी, इस रचना के लिए बधाइयाँ और असीम शुभकामनाएं भी.
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    Arunima Dubey
    26 अगस्त 2022
    बहुत सुंदर लेख ,आपके माध्यम से कल्पतरु के दर्शन मिले बहुत बहुत धन्यवाद नवनीता जी,एक कल्पवृक्ष मैंने प्रयागराज के किले में भी देखा है।आज आपके माध्यम से दोनों नर और मादा वृक्ष के अनमोल दर्शन भी प्राप्त कर लिए,आपकी यात्रा मंगलमय हो और खूब सारे आनंददायक पारिवारिक सुखमय लम्हे समेट कर वापस आएं इन्हीं मंगलकामनाओं के साथ अनेकानेक साधुवाद 👌👌👌👌👌🙏💐🙏❤️❤️❤️❤️🥰🥰💖💖👍
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    29 अगस्त 2022
    राधे राधे 🙏🏻 🌷 🙏🏻 बांसवाडा सच में ही बहुत सुन्दर शहर है। हम ने भी सुना है। किन्तु कभी देखने का सुअवसर नहीं मिला। आज आपके माध्यम से कल्पवृक्ष के दर्शन करके हम धन्य हो गये। पौराणिक कथाओं के अनुसार, स्वर्ग में दो ही वृक्षों का विशेष रूप से वर्णन मिलता है - कल्पवृक्ष और पारिजात। कहते हैं कि एक विशेष व्रत की पूर्णाहुति के लिए ठाकुर जी उसे स्वर्ग से धरती पर ले आए थे। किन्तु कल्पवृक्ष कब धरती पर आया इसके बारे में जानकारी नहीं है हमें। आपके माध्यम से आज कल्पवृक्ष के दर्शन मिले, ये हमारे किसी पुण्य फल का उदय ही है। अति पावन और मंगलकारी लेख के लिए ढेरों बधाईयाँ मक्खन मलाई 🥰 🥰 🥰 🥰 🥰 आपकी लेखनी पे माँ शारदे की कृपा बनी रहे 🙏🏻 🌹 🙏🏻 राधे राधे 🙏🏻🌷🙏🏻
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    26 अगस्त 2022
    बाह बेटी, पढने से पहले ही मेरी ओर से, धन्यवाद स्वीकार करो.मैने धार्मिक ग्रंथ, सुखसागर मे, इस बृक्ष के बारे मे बहुत कुछ पढा था, मगर दर्शन, भले ही चित्र के माध्यम से ही सही, तुम्हारे सौजन्य से मिला तो,,, मन सच मे आह्लादित हो गया.सुखसागर मे भी इसके नर और मादा होने की चर्चा है,,,, बहुत ही दुर्लभ है,,, दर्शन से जन्म कृतार्थ हो जाता है,,, मै तुम्हारी रचनाओं के माध्यम से ही अवगत हूँ, कि तुम्हें प्रकृति से और विशेषकर पेड़ और नदियों से गहरा लगाव है और यह लगाव आज जीवन सफल कर दिया.बहुत ही सुन्दर और मधुर शैली मे तुमने इसका वर्णन भी किया और चित्र से दर्शन भी कराया, यात्रा तुमने की और उसका प्रसाद मुझे भी मिला,,, सदा खुश रहो बेटी, इस रचना के लिए बधाइयाँ और असीम शुभकामनाएं भी.