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कहानी-मुरारीलाल के हसीन सपने

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(मुरारीलाल के हसीन सपने ।) एक बार मुरारीलाल के गाँव में रामायण का पाठ का आयोजन किया गया जिसमें सभी गणमान्य व्यक्ति के साथ मुरारीलाल भी पहुँच गया है ।बातों बात में उसे पता चलता है कि महर्षि ...

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लेखक के बारे में

मैं मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय/समस्तीपुर में मुख्य कार्यालय अधीझक के पद पर दिनांक-31-1-2020 तक कार्यरत था ,अब रेल से सेवानिवृत्त हो गया हूँ और रचना के संसार में रहकर देश और समाज की सेवा करना चाहते हैं ।मेरा जन्म सात जनवरी 1960 को पटना में कृष्णाष्ठमी के दिन हुआ था ।अभी मैं अपने नये घर ,फुलवारीशरीफ, पटना में रह रहा हूँ। मेरा मोबाइल फोन न-9386551434 है।

समीक्षा
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  • कुल टिप्पणी
  • author
    ꜱᴄɪᴇɴᴛɪꜰɪᴄ STUDENT
    09 ஜூன் 2020
    कालिदास नही वो महर्षि वाल्मीकि थे बंधु। और ये बात भी झूठ है कि वो चोर थे।
  • author
    Dharmendra Bhatt
    08 ஆகஸ்ட் 2020
    सपने तो सपने होते हैं.
  • author
    savita shigwan
    30 அக்டோபர் 2020
    बहुत अच्छा लगा 😌
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    ꜱᴄɪᴇɴᴛɪꜰɪᴄ STUDENT
    09 ஜூன் 2020
    कालिदास नही वो महर्षि वाल्मीकि थे बंधु। और ये बात भी झूठ है कि वो चोर थे।
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    Dharmendra Bhatt
    08 ஆகஸ்ட் 2020
    सपने तो सपने होते हैं.
  • author
    savita shigwan
    30 அக்டோபர் 2020
    बहुत अच्छा लगा 😌