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कहाँ ले जाऊँ दिल

4.3
4814

कहाँ ले जाऊँ दिल दोनों जहाँ में इसकी मुश्क़िल है । यहाँ परियों का मजमा है, वहाँ हूरों की महफ़िल है । इलाही कैसी-कैसी सूरतें तूने बनाई हैं, हर सूरत कलेजे से लगा लेने के क़ाबिल है। ये दिल लेते ही शीशे...

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लेखक के बारे में

मूल नाम : अकबर हुस्सैन रिज़वी उपनाम : अकबर अलाहाबादी जन्म : 16 नवंबर 1846 देहावसान: 15 फरवरी 1921 भाषा : उर्दू विधाएँ : ग़ज़ल, शायरी अकबर अलाहाबादी उर्दू व्यंग्य के अग्रणी रचनाकारों में से एक हैं, इनके काफी शेरों एवम ग़ज़लों में सामाजिक दर्द को सरल भाषा में हास्यपूर्क ढंग से उकेरा गया है। "हंगामा है क्यूं बरपा" इनकी मशहूर ग़ज़लों में से एक है

समीक्षा
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    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    वीना सिंह
    18 अप्रैल 2017
    बहुत khoob
  • author
    अभिनव राज
    22 अक्टूबर 2020
    वल्लाह वल्लाह इलाहाबादी साहब की रचनाए कमाल की होती है ।
  • author
    Md Salman Ansari
    03 नवम्बर 2018
    bhut Khub Likha Aapne mujhe bhut Accha laga
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    वीना सिंह
    18 अप्रैल 2017
    बहुत khoob
  • author
    अभिनव राज
    22 अक्टूबर 2020
    वल्लाह वल्लाह इलाहाबादी साहब की रचनाए कमाल की होती है ।
  • author
    Md Salman Ansari
    03 नवम्बर 2018
    bhut Khub Likha Aapne mujhe bhut Accha laga