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जन्मदिन की पार्टी

3.8
2150

‘अरे माधव क्या हुआ मिल में अपनी पारी खत्म होते ही ठेकेदार से पैसे लेकर रेल की तरह छूटे जा रहे हो, हमारा इंतजार भी नहीं किया।’ धीरेन्द्र और राजू ने माधव को रोका। ‘कुछ नहीं भाई बस आज घर थोड़ा जल्दी जाना...

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लेखक के बारे में

पिता का नाम -- वी. एल. भार्गव माता का नाम -- कान्ता देवी शिक्षा -- एम. ए. (लोक प्रशासन) रूचियां -- अध्ययन एवं लेखन

समीक्षा
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    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    हेमंत मोढ़ "Happy-Mentor"
    06 જુન 2019
    मर्मस्पर्शी छोटी कहानी से बहुत बड़ी गहरी बात कह दी आपने ! बहुत बहुत बधाई, बहुत ढैर सारी शुभकामनाएं... "प्यार का एहसास" पढ़िएगा, प्रतिक्रिया के इन्तजार में....! Hemant MOdh, "इन्दोरीलाल"
  • author
    preeti
    08 ઓગસ્ટ 2021
    bhot acha lga padh kar
  • author
    Diljit Kaur
    13 એપ્રિલ 2020
    acchi kahaniya hai.. thanks
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    हेमंत मोढ़ "Happy-Mentor"
    06 જુન 2019
    मर्मस्पर्शी छोटी कहानी से बहुत बड़ी गहरी बात कह दी आपने ! बहुत बहुत बधाई, बहुत ढैर सारी शुभकामनाएं... "प्यार का एहसास" पढ़िएगा, प्रतिक्रिया के इन्तजार में....! Hemant MOdh, "इन्दोरीलाल"
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    preeti
    08 ઓગસ્ટ 2021
    bhot acha lga padh kar
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    Diljit Kaur
    13 એપ્રિલ 2020
    acchi kahaniya hai.. thanks