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जंगल

4.4
1078

हिरणी जवान हो चली थी। अपनी अद्भुत सुंदरता को देखकर वह सिहर उठती थी। उसके मित्रगण उसकी मुक्तकंठ प्रशंसा करते थे। उसका मन कई तरह की उमंगों और उत्साह से भर उठता। वह यहां - वहां दौड़ती फिरती, मस्ती ...

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लेखक के बारे में
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Anupama Arora
समीक्षा
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Rajjo Rani
    03 மார்ச் 2021
    ऐसे ही मेहताब, जुनैद, सलमान, अब्दुल जैसे भेड़िए घूम रहे हैं और अर्ध नग्न कपड़े पहन कर हिंदू लड़कियां हिरनी की भाँति झूठी आजादी का ढोल पीटते हुए घूम रही हैं।
  • author
    Swati Yadav
    14 டிசம்பர் 2020
    chhoti si story but bahut hi bda msg n samaj ko aaina dikhane vali
  • author
    अरविन्द सिन्हा
    30 செப்டம்பர் 2019
    सुन्दर अभिव्यक्ति ।
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  • author
    Rajjo Rani
    03 மார்ச் 2021
    ऐसे ही मेहताब, जुनैद, सलमान, अब्दुल जैसे भेड़िए घूम रहे हैं और अर्ध नग्न कपड़े पहन कर हिंदू लड़कियां हिरनी की भाँति झूठी आजादी का ढोल पीटते हुए घूम रही हैं।
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    Swati Yadav
    14 டிசம்பர் 2020
    chhoti si story but bahut hi bda msg n samaj ko aaina dikhane vali
  • author
    अरविन्द सिन्हा
    30 செப்டம்பர் 2019
    सुन्दर अभिव्यक्ति ।