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जैतसिंह चुण्डावत

4.7
64

मेवाड़ के महाराणा अमरसिंह की सेना में ,विशेष पराक्रमी होने के कारण “चुण्डावत” खांप के वीरों को ही “हरावल”(युद्ध भूमि में अग्रिम पंक्ति) में रहने का गौरव प्राप्त था व वे उसे अपना अधिकार समझते थे। ...

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लेखक के बारे में
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Kuldeep Shekhawat Rajput

द्वन्द्व कहां तक पाला जाये युद्ध कहां तक टाला जाये तु वशंज है महाराणा का फेंक जहां तक भाला जाये

समीक्षा
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  • कुल टिप्पणी
  • author
    Chhotusingh Chundawat
    12 जून 2022
    jai Mewar
  • author
    10 जून 2019
    उत्तम रचना
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    Chhotusingh Chundawat
    12 जून 2022
    jai Mewar
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    10 जून 2019
    उत्तम रचना