बात सन 2014 अगस्त की है। तब मन में ठान लिया था कि इस अगस्त में स्वतंत्रता दिवस से प्रेरित लेख होना चाहिए। एक-दो दिन से कुछ मित्रों के फोन का भी दबाव था। लिखने की बेचैनी तो थी, भावों का संसार भी बस ...

प्रतिलिपिबात सन 2014 अगस्त की है। तब मन में ठान लिया था कि इस अगस्त में स्वतंत्रता दिवस से प्रेरित लेख होना चाहिए। एक-दो दिन से कुछ मित्रों के फोन का भी दबाव था। लिखने की बेचैनी तो थी, भावों का संसार भी बस ...