फेसबुक पर लगा है इश्क का बाज़ार, दो रुपये मे ढ़ाई किलो आज का है भाव, कवि मित्र लिख रहे हैं मधुमास के गीत, कवियत्रियों को भी किसी का इंतज़ार है। इश्क के बाज़ार मे माल बहुत पड़ा है, कविता ग़ज़ल शायरी ...

प्रतिलिपिफेसबुक पर लगा है इश्क का बाज़ार, दो रुपये मे ढ़ाई किलो आज का है भाव, कवि मित्र लिख रहे हैं मधुमास के गीत, कवियत्रियों को भी किसी का इंतज़ार है। इश्क के बाज़ार मे माल बहुत पड़ा है, कविता ग़ज़ल शायरी ...