इश्क का इजहार क्या करना, इश्क नजरें ही बयां कर देती हैं , औरों से भला पूछ्ना वाजिब नहीं, ये तो अपने ही अन्तर्मन की आवाज , इज़हार किया करतीं हैं। स्वरचित क्षणिका-रीना ढोले। ...
मैं एक शिक्षिका हूं। मुझे सम्पूर्ण मानवजाति से प्रेम है। पढ़ना, लिखना, एवं साहित्य रचना मेरी आत्मा है। मैं सम्पूर्ण सृष्टि में मानवता की भावना का प्रचार करना चाहती हूं।
धन्यवाद
सारांश
मैं एक शिक्षिका हूं। मुझे सम्पूर्ण मानवजाति से प्रेम है। पढ़ना, लिखना, एवं साहित्य रचना मेरी आत्मा है। मैं सम्पूर्ण सृष्टि में मानवता की भावना का प्रचार करना चाहती हूं।
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रिपोर्ट की समस्या
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