pratilipi-logo प्रतिलिपि
हिन्दी

इश्क़ वो आतिश है ग़ालिब

4.3
13295

सुमी करवट बदलते-से समय में वह एक उनींदी-सी शाम थी । एक मरते हुए दिन की उदास , सर्द शाम । काजल के धब्बे-सी फैलती हुई । छूट गई धड़कन-सी अनाम । ऐसा क्या था उस शाम में ? धीरे-धीरे सरकती हुई एक निस्तेज ...

अभी पढ़ें

Hurray!
Pratilipi has launched iOS App

Become the first few to get the App.

Download App
ios
लेखक के बारे में
समीक्षा
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Devis Sheoran
    01 ஜூலை 2018
    आपका इशक सदियों पुरानी ईबादत है । ऐसे ही दिवानो को तपाना रब की आदत है।
  • author
    03 ஜூன் 2018
    बहुत ही मार्मिक लेख है। प्रेम में ही सर्व सुख और संसार है। प्रेम पाने के लिए भौतिकी और सामाजिक दुनिया से बैर ही होगा। इसलिए इस दुनिया में ख़ास कर भारत जैसे धार्मिक जगहों पे प्रेम पाना दुर्लभ है इसके लिए हर प्रेमी को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इन्ही दुष्वारियों से तंग आकर कुछ लोग आत्महत्या जैसी गलत कदम उठा लेते है , और प्रेम बदनाम होता है। आप खुद ही अपने प्रेम के लिए अनेक दुविधाओं से गुजरी होंगीं, अन्ततः खुशी की बात यह है की आपको आपका प्रेम मिला। आपका नया जीवन मंगलमय हो यही शुभकामनाएं है मेरी।
  • author
    Rupali Shah
    25 அக்டோபர் 2017
    pyar k is bhavpurn abhivykti hmtk pahuchane k liye dil se dhnyawad.👌👌👌
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Devis Sheoran
    01 ஜூலை 2018
    आपका इशक सदियों पुरानी ईबादत है । ऐसे ही दिवानो को तपाना रब की आदत है।
  • author
    03 ஜூன் 2018
    बहुत ही मार्मिक लेख है। प्रेम में ही सर्व सुख और संसार है। प्रेम पाने के लिए भौतिकी और सामाजिक दुनिया से बैर ही होगा। इसलिए इस दुनिया में ख़ास कर भारत जैसे धार्मिक जगहों पे प्रेम पाना दुर्लभ है इसके लिए हर प्रेमी को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इन्ही दुष्वारियों से तंग आकर कुछ लोग आत्महत्या जैसी गलत कदम उठा लेते है , और प्रेम बदनाम होता है। आप खुद ही अपने प्रेम के लिए अनेक दुविधाओं से गुजरी होंगीं, अन्ततः खुशी की बात यह है की आपको आपका प्रेम मिला। आपका नया जीवन मंगलमय हो यही शुभकामनाएं है मेरी।
  • author
    Rupali Shah
    25 அக்டோபர் 2017
    pyar k is bhavpurn abhivykti hmtk pahuchane k liye dil se dhnyawad.👌👌👌