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इंतज़ार

4.5
5543

इंतज़ार....किसी के वापस लौट आने का.....

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लेखक के बारे में
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Shilpi Saxena
समीक्षा
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    saurabh singh
    26 जुलाई 2019
    बहुत ही सुंदर रचना लेकिन अगर इसका वास्तविक जीवन से कोई सरोकार है तो ये गलत है ऐसा बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए आखिर कुछ तो वजह रही होगी कम से कम एक जवाब तो देना था या फिर सामने से जो व्यक्ति है आपको उसके आहत होने पर कोई फर्क नहीं पड़ता आपकी नजर में उस शक्स कोई महत्व नहीं है , और फिर सामने वाले को इंतजार का या इंतजार करवाने का कोई हक नहीं ।।
  • author
    Sunil Shukla
    18 दिसम्बर 2018
    बेहतरीन रचना, बेहतरीन भाषा।💐💐💐🌼🌼
  • author
    Milki Agrawal
    11 दिसम्बर 2020
    बहुत ही मार्मिक वर्णन,, लेकिन अगर इस रचना का वास्तविकता से कोई लेना देना है तो ये तो बहुत गलत बात है कि कोई गलती बताए बिना इतनी लंबी साझा देना,,,, , और बिना गलती के इतना दर्द सेहना ।।🙏🙏
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  • author
    saurabh singh
    26 जुलाई 2019
    बहुत ही सुंदर रचना लेकिन अगर इसका वास्तविक जीवन से कोई सरोकार है तो ये गलत है ऐसा बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए आखिर कुछ तो वजह रही होगी कम से कम एक जवाब तो देना था या फिर सामने से जो व्यक्ति है आपको उसके आहत होने पर कोई फर्क नहीं पड़ता आपकी नजर में उस शक्स कोई महत्व नहीं है , और फिर सामने वाले को इंतजार का या इंतजार करवाने का कोई हक नहीं ।।
  • author
    Sunil Shukla
    18 दिसम्बर 2018
    बेहतरीन रचना, बेहतरीन भाषा।💐💐💐🌼🌼
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    Milki Agrawal
    11 दिसम्बर 2020
    बहुत ही मार्मिक वर्णन,, लेकिन अगर इस रचना का वास्तविकता से कोई लेना देना है तो ये तो बहुत गलत बात है कि कोई गलती बताए बिना इतनी लंबी साझा देना,,,, , और बिना गलती के इतना दर्द सेहना ।।🙏🙏