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इंतज़ार।।।।।

4.5
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कहानी पढ़कर अपनी राय जरूर दें क्या निहारिका ने सही दिशा में कदम उठाएं????

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लेखक के बारे में
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Dipti Biswas

फेरी वेतुला

समीक्षा
  • author
    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    05 जानेवारी 2019
    प्रेम से परिपूर्ण रचना है। आपने जिस प्रेम की बात यहा की है। आज कल कहा ऐसा प्रेम देखने को मिलता है। वक्त और समाज ने प्रेम का वो निश्छल स्वरूप कही दफन कर दिया है। हमने खुद ही खुद को एक स्वार्थपूर्ण वातावरण में डाल दिया है। जहाँ न प्रेम का वो स्वरूप है और न वो प्रेम
  • author
    Kiran Singh
    21 जानेवारी 2019
    कहानी अच्छी है।मात्राओं मे गल्तियां हैं उन्हैं सुधार ले फिर को आपने फीर लिखा है बिना को बीना लिखा है ओर आशाएं का के जगह आशाओं का लिखा जायेगा और भी कई जगह गल्तियां है भूल सुधार कर लैं
  • author
    Sijarians
    15 डिसेंबर 2018
    Nice Story, Wese mere pass bhi ek story h agar ap use apne channel par likhna chahe to, ap likh sakti h .
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  • कुल टिप्पणी
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    05 जानेवारी 2019
    प्रेम से परिपूर्ण रचना है। आपने जिस प्रेम की बात यहा की है। आज कल कहा ऐसा प्रेम देखने को मिलता है। वक्त और समाज ने प्रेम का वो निश्छल स्वरूप कही दफन कर दिया है। हमने खुद ही खुद को एक स्वार्थपूर्ण वातावरण में डाल दिया है। जहाँ न प्रेम का वो स्वरूप है और न वो प्रेम
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    Kiran Singh
    21 जानेवारी 2019
    कहानी अच्छी है।मात्राओं मे गल्तियां हैं उन्हैं सुधार ले फिर को आपने फीर लिखा है बिना को बीना लिखा है ओर आशाएं का के जगह आशाओं का लिखा जायेगा और भी कई जगह गल्तियां है भूल सुधार कर लैं
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    Sijarians
    15 डिसेंबर 2018
    Nice Story, Wese mere pass bhi ek story h agar ap use apne channel par likhna chahe to, ap likh sakti h .