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इंसान जाने कहां खो गए हैं.!🥀👀

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इंसान जाने कहां खो गये हैं! जाने क्यूं, अब शर्म से, चेहरे गुलाबी नहीं होते। जाने क्यूं, अब मस्त मौला मिज़ाज नहीं होते। पहले बता दिया करते थे, दिल की बातें। जाने क्यूं, अब चेहरे, खुली किताब नहीं ...

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लेखक के बारे में

सब प्यार से हमें श्रेयू बुलाते है....🙈🙈❤️ हमारे पोस्ट का उद्देश्य सिर्फ मनोरंजन करना है किसी की भावना को ठेस पहुंचाना नहीं है..!! क्योंकि भावना किसी गर्लफ्रेंड भी हो सकती है..!!😂😂🤦 . . यहां आए तो कृपया अपना एटीट्यूड साइड में रख क्या है...!!😎😇

समीक्षा
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    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Ashwani Kumar
    18 अक्टूबर 2021
    बहुत सुन्दर रचना बेहतरीन प्रस्तुति 🙏🙏
  • author
    harit virsingh
    15 जुलाई 2022
    चंद पंक्तियों के माध्यम से वर्तमान परिपेक्ष्य को सार्थक करती रचना का संकलन किया है।
  • author
    18 अक्टूबर 2021
    बहुत बढ़िया लिखा है आपने... भाव शून्यता ने हमें लगभग मशीन ही बना दिया है... धन्यवाद🙏💕🙏💕🙏💕🙏💕
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    Ashwani Kumar
    18 अक्टूबर 2021
    बहुत सुन्दर रचना बेहतरीन प्रस्तुति 🙏🙏
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    harit virsingh
    15 जुलाई 2022
    चंद पंक्तियों के माध्यम से वर्तमान परिपेक्ष्य को सार्थक करती रचना का संकलन किया है।
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    18 अक्टूबर 2021
    बहुत बढ़िया लिखा है आपने... भाव शून्यता ने हमें लगभग मशीन ही बना दिया है... धन्यवाद🙏💕🙏💕🙏💕🙏💕