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इण्डिया गेट पर एक दिन

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दिल्ली का महत्त्वपूर्ण स्मारक, जिसे 80,000 से अधिक भारतीय सैनिकों की याद में निर्मित किया गया था, जिन्होंने प्रथम विश्वयुद्ध में वीरगति पाई थी। उस महा-स्मारक को इण्डिया गेट से अभिहित किया जाता है।...

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लेखक के बारे में

लेखन जिसके लिए संजीवनी है, पढ़ना असंख्य मनीषियों की संगति, किताबें मंदिर और लेखक उस मंदिर के देव-देवी। कठकरेज’ (कहानी संग्रह) तथा मैथिली भोजपुरी अकादमी, दिल्ली से ‘जिनगी रोटी ना हऽ’ (कविता संग्रह), 'सम्भवामि युगे युगे' (लेख-संग्रह) व 'ऑनलाइन ज़िन्दगी' (कहानी संग्रह) प्रकाशित हो चुकी है। साझा काव्य संग्रह ‘पंच पल्लव’ और 'पंच पर्णिका' का संपादन भी किया है। वर्ण-पिरामिड का साझा-संग्रह ‘अथ से इति-वर्ण स्तंभ’ तथा ‘शत हाइकुकार’ हाइकु साझा संग्रह में आ चुके हैं। साहित्यकार श्री रक्षित दवे द्वारा अनुदित इनकी अट्ठाइस कविताओं को ‘वारंवार खोजूं छुं’ नाम से ‘प्रतिलिपि डाॅट काॅम’ पर ई-बुक भी है। आकाशवाणी और कई टी.वी. चैनलों से निरंतर काव्य-कथा पाठ प्रसारित होते रहने के साथ ही ये अपने गृहनगर में साहित्यिक संस्था ‘संवाद’ का संयोजन करते रहे हैं। इन्होंने हिंदी टेली फिल्म ‘औलाद, लघु फिल्म ‘लास्ट ईयर’ और भोजपुरी फिल्म ‘कब आई डोलिया कहार’ के लिए पटकथा-संवाद और गीत लिखा है। ये अबतक लगभग तीन दर्जन नाटकों-लघुनाटकों का लेखन और निर्देशन कर चुके हैं। वर्तमान में कई पत्रिकाओं के संपादक मंडल से जुड़े हुए हैं। साल 2002 से हिंदी शिक्षण और पाठ्यक्रम निर्माण में संलग्न हैं तथा वर्तमान में दिल्ली परिक्षेत्र में शिक्षण-कार्य करते हुए स्वतंत्र लेखन करते हैं। ये विश्व-पटल पर छात्रों को आॅनलाइन हिंदी पढ़ाते हैं। राजापुरी, उत्तम-नगर, नई दिल्ली

समीक्षा
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    आपकी रेटिंग

  • कुल टिप्पणी
  • author
    Sonia Pratibha Tani
    30 October 2018
    सुंदर भाव
  • author
    Bandana Singh
    18 May 2019
    ऐसा लगा कि मै दिल्ली मेही हू, बड़े ही सजिव ढंग से आपने वर्णन किया । आपके वर्णन के साथ साथ अपनी भी यात्रा हो गयी । लाजवाब
  • author
    Laxmikant Pandey
    17 July 2017
    meaning full
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  • author
    Sonia Pratibha Tani
    30 October 2018
    सुंदर भाव
  • author
    Bandana Singh
    18 May 2019
    ऐसा लगा कि मै दिल्ली मेही हू, बड़े ही सजिव ढंग से आपने वर्णन किया । आपके वर्णन के साथ साथ अपनी भी यात्रा हो गयी । लाजवाब
  • author
    Laxmikant Pandey
    17 July 2017
    meaning full