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हम साथ-साथ है

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हम साथ-साथ है, दोस्ती की यारो क्या बात है | एकदूसरे के हाथों में हाथ है, हम सब एकसाथ है | फासले हो कई मगर, ये दोस्ती मन के आर-पार है, दिल फेसबुक पर मिलने को हरवक्त बेकरार है | हररोज ना ही मिलते हो, ...

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लेखक के बारे में

नाव:- श्री. धनंजय शंकर पाटील. जन्म तारिख:- 07/12/1989 राहणार:- तालुका.मंगळवेढा, जिल्हा.सोलापूर. व्यवसाय:- शिक्षण. छंद:- कविता,कथा,चारोळी लेखन, गाणे ऐकणे. फ़ोन नंबर:- :- 8380916155 Email id:- [email protected] शालेय जीवनापासून मला कला विषयात विशेष रस असल्यामुळे, मराठी, हिंदी भाषेमध्ये काव्यरचना करू लागलो. नव-नवीन साहित्य प्रकार शिकण्याची खूप आवड असल्यामुळे निबंध, कथा, लेख असे लेखन करत गेलो. जेव्हा फेसबूक सोशल नेटवर्किंगच व्यासपीठ मिळालं, तेव्हा अनेक साहित्य प्रकार शिकलो. कविता, कथा, चारोळी, लेख असे साहित्यप्रकार (मराठी आणि हिंदी) भाषेतून लिहीत गेलो. शब्दांशी घट्ट अशी मैत्री जमली. आता हा शाब्दिक साहित्यरूपी प्रवास, मनाला हर्षानंद देतो. "शब्दों का ये कारवाँ, सदा यूँ ही चलता रहे | आपका स्नेह, प्यार मन को हरवक्त मिलता रहे |"

समीक्षा
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  • कुल टिप्पणी
  • author
    Ashit Sharan "Ashit"
    02 സെപ്റ്റംബര്‍ 2021
    अच्छी है। और बेहतर हो सकती है। प्रयास जारी रखे।
  • author
    10 ജൂലൈ 2018
    वर्तमान समय की दोस्ती पर , यह एक अच्छी कविता है।
  • author
    08 ജൂണ്‍ 2021
    good
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    Ashit Sharan "Ashit"
    02 സെപ്റ്റംബര്‍ 2021
    अच्छी है। और बेहतर हो सकती है। प्रयास जारी रखे।
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    10 ജൂലൈ 2018
    वर्तमान समय की दोस्ती पर , यह एक अच्छी कविता है।
  • author
    08 ജൂണ്‍ 2021
    good